CGBSE class 12 chemistry chapter - 1 ( ठोस अवस्था ) important questions with answers.
यहां पर हम कक्षा 12वीं के रसायन विज्ञान के अध्याय 1 के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न और उसके उत्तर दे रहे हैं जिनसे की विद्यार्थी को छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा 2021-2022 की तैय्यारी करने में आसनी हो |
प्रश्न 1. समझाइए –
A. फ्रेन्केल त्रुटि औरउदाहरण
B. शॉिकीत्रुटि और उदाहरण
उत्तर-
( A ) फ्रेन्केल दोष ( Frenkel defect ) – यह दोष क्रिस्टल में धनायन का स्थान रिक्त होने से उत्पन्न होता है । धनायन अपना स्थान छोड़कर एक धनायन और एक ऋणायन के बीच अन्तराकाशी ( Interstitial ) स्थान में पाया जाता है । यह दोष AgCl , AgBr और ZnS आदि क्रिस्टलों में पायी जाती है । इस दोष के कारण जालक से कोई आयन अनुपस्थित नहीं होता है , अतः क्रिस्टल के घनत्व में कोई परिवर्तन नहीं होता है ।
( B ) शॉट्की त्रुटि – इस प्रकार के दोष में क्रिस्टल जालक में धनायन का एक स्थान तथा ऋणायन का एक स्थान रिक्त रहता है । इसमें क्रिस्टल उदासीन ही बना रहता है , क्योंकि धनायनों की रिक्तियाँ ऋणायनों की रिक्तियों के बराबर होती हैं , किन्तु जालक में कुछ आयनों की संख्या घट जाती है , अतः ठोस का घनत्व कम हो जाता है ।
(A) - अन्तः या काय केन्द्रित घनीय जालक ( Body Centred Cubic ( b.c.c. ) of Lattice ) प्रकार के क्रिस्टल जालक में कुल 9 बिन्दु होते हैं , इनमें से आठ बिन्दु घन ( Cube ) के कोनों पर तथा नौवाँ बिन्दु घन के केन्द्र में स्थित होता है ।
उदाहरण- CsCl |
यूनिट सेल में कणों की संख्या- केन्द्र पर स्थित कण या किसी अन्य इकाई सेल से साझा नहीं होता है , जबकि आठ कोनों पर स्थित प्रत्येक कण का कुल आठ इकाई सेल से साझा होता है । इस प्रकार अन्तः या काय केन्द्रित इकाई सेल में प्रति सेल कणों की संख्या = 8*1/8( आठ कोनों पर ) + 1 ( केन्द्र पर ) = 1 + 1 = 2 होगी ।
(B) - फलक केन्द्रित घनीय सेल- इस प्रकार के क्रिस्टल में घन के आठ कोनों पर एक - एक परमाणु होते हैं । तथा प्रत्येक फलक के बीच में एक - एक परमाणु होते हैं । उदाहरण — NaCl यूनिट सेल में कणों की संख्या यूनिट सेल में घन के कोनों पर स्थित परमाणु का कुल आठ यूनिट सेलों द्वारा साझा होता है , अतः एक यूनिट सेल को प्राप्त 1 होने वाला अंश होगा । इसके अतिरिक्त प्रत्येक फलक 8 ( Face ) पर एक - एक परमाणु स्थित रहते हैं । जिसका समीपवर्ती दो यूनिट सेलों द्वारा साझा होता है । अतः प्रत्येक SICH 2 यूनिट सेल को प्राप्त होने वाला अंश होगा । चूँकि किसी घन के छः फलक होते हैं ।
अतः फलक केन्द्रित घनीय सेल में परमाणुओं की संख्या = 1/2x6 ( छ : फलकों के केन्द्र पर स्थित ) + 8 ×1/8 ( आठ कोनों पर ) = 3 + 1 = 4
(C) - सरल घनीय इकाई सेल - इस प्रकार के क्रिस्टल में प्रत्येक यूनिट सेल के कोने में आठ परमाणु स्थित होते हैं । प्रत्येक परमाणु आठ यूनिट सेंलों द्वारा साझा होता है । अत : एक यूनिट सेल को प्राप्त होने वाला अंश 1/8 होता है , अतः यूनिट सेल में परमाणुओं की संख्या = 1/8*8 ( कोनों पर ) = 1 परमाणु ।
अतः सरल घनीय सेल में 1 परमाणु होता है ।
प्रश्न 3. क्रिस्टलीय एवम अक्रिस्टलिय ठोस मेंअंतर बताइए
1. इनकी संरचना एक निश्चित ज्यामिति वाली होती है ।
2. इनमें कणों ( अणु , परमाणु या आयन ) की व्यवस्था एक निश्चित क्रम में होती है ।
3. निश्चित व तीक्ष्ण गलनांक होता है ।
4. घनीय संरचना के अपवाद को छोड़कर विषम दैशिकता का गुण दर्शाते हैं
उदाहरण- NaCl , KCl , हीरा , क्वार्ट्ज आदि ।
अक्रिस्टलिय ठोस --
1. इनकी संरचना में कोई निश्चित ज्यामिति नहीं होती ।
2. कणों की व्यवस्था का कोई निश्चित क्रम नहीं होता ।
3. इनका कोई निश्चित गलनांक नहीं होता है ।
4. मदैशिकता का गुण दर्शाते हैं ।
उदाहरण- काँच , सिलिका , प्लास्टिक , मोम आदि ।
प्रश्न 4. क्रिस्टलीय जालक से क्या समझते हो ।
उत्तर- क्रिस्टल जालक ( Crystal lattice ) - त्रिविम आकाश ( Three dimension space ) में किसी क्रिस्टल के एककों ( Units ) की नियमित व्यवस्था को त्रिविम जालक ( Space lattice ) या क्रिस्टल जालक ( Crystal lattice ) कहते हैं ।
प्रश्न 5. क्रिस्टल जालक में समन्वय संख्या से क्या तातपर्य है।
उत्तर- समन्वय संख्या ( Co - ordination Number ) – किसी क्रिस्टल जालक में किसी संघटक कण ( Constituent Particle ) के निकटतम पड़ोसियों की संख्या को उसकी समन्वय संख्या कहते हैं । जैसे - NaCl क्रिस्टल में Na + तथा CI आयनों की समन्वय संख्या 6 : 6 है , अर्थात् एक Na + , 6 CIT आयनों से तथा एक CIT आयन , 6 Na + आयनों से घिरा होता है ।
प्रश्न 6 .समझाइए –
A. चतुष्फलकीय रिक्ती
B. अष्टफलकीय रिक्ती
उत्तर- ( A ) चतुष्फलकीय रिक्तियाँ ( Tetrahedral voids ) - सुसंकुलित संरचना में दूसरी पर्त का प्रत्येक गोला पहली पर्त को आपस में स्पर्श करते हुए तीन गोलों द्वारा निर्मित त्रिकोणीय रिक्ति पर स्थित रहता है । इन चारों गोलों के केन्द्र एक सम - चतुष्फलक के चारों कोनों पर स्थित रहते हैं । आपस में एक - दूसरे को स्पर्श करने वाले इन चारों गोलों के मध्य स्थित रिक्तियाँ चतुष्फलकीय रिक्तियाँ ( Tetrahedral voids ) कहलाती हैं ।
रिक्तिका/गोला = 0.225
B. अष्टफलकीय रिक्ती - ये रिक्तियाँ द्वि- त्रिकोणीय ( Double - Triangle ) रूप में छः गोलों द्वारा घिरी रहती है और इन छः गोलों के केन्द्र बिन्दु अष्टफलक ( Octahedral ) के छः कोनों पर स्थित रहते हैं । इसलिए ये रिक्तियाँ अष्टफलकीय रिक्तियाँ कहलाती हैं ।
रिक्तिका/गोला = 0.414
प्रश्न 7. समझाइए –
A. त्रिज्या अनुपात नियम
B. ‘F’- केन्द्र
C. त्रिज्या अनुपात
उत्तर-
A. त्रिज्या अनुपात नियम -
B. ‘F’- केन्द्र - अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों द्वारा भरी ऋणायनिक रिक्तिका को ' F- केन्द्र ' कहते हैं । F = ' Farbe ' एक जर्मन शब्द है , जिसका अर्थ रंग होता है । क्रिस्टलों का रंग F केन्द्रों के इलेक्ट्रॉनों द्वारा प्रकाश ऊर्जा अवशोषित करके उत्तेजित होने के कारण होता है । जैसे- यदि Na4 के आधिक्य को क्लोरीन के वातावरण में गर्म किया जाए तो F- केन्द्र के कारण यह पीला रंग उत्पन्न करता है ।
C. त्रिज्या अनुपात - Update Soon