अति लघु उत्तरीय प्रश्न :--
प्रश्न 1. ऑस्टैंड प्रयोग के निष्कर्ष लिखें । उत्तर- धारावाही चालक अपने चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है , जिसका किसी बिन्दु पर परिणाम व दिशा चालक पर प्रवाहित धारा के परिणाम व दिशा पर निर्भर करता है । प्रश्न 2. कोई एक लम्बी धारावाही ताँबे की खोखली नली के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र क्या होगा ? उत्तर - शून्य ।
प्रश्न 3. चुम्बकीय फ्लक्स का मात्रक वेबर है । इसका तुल्य मात्रक बताइये । उत्तर- इसका तुल्य मात्रक वोल्ट x सेकण्ड है । प्रश्न 4. कोई इलेक्ट्रॉन किसी एक समान चुम्बकीय क्षेत्र वाले स्थान से गुजरते समय विक्षेपित नहीं होता है । चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा क्या है ? उत्तर- चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा , इलेक्ट्रॉन के वेग के दिशा में अथवा इसके विपरीत दिशा में है , जिसमें θ = 0 ° अथवा 180 ° अर्थात् F = qvBsinθ = qvB × 0 =0 इसलिए विक्षेपित नहीं होगा ।
लघु उत्तरीय प्रश्न :--
प्रश्न 3. ऐम्पियर के तैरने का नियम बताइये । उत्तर- इस नियम के अनुसार यदि एक मनुष्य को चालक तार के समान्तर तथा धारा की दिशा में इस प्रकार तैरता हुआ माने कि उसका मुँह तार के नीचे तथा चुम्बकीय सुई के ओर रहे तो चुम्बकीय सुई का उत्तरीय ध्रुव , उसकी बायें हाथ की ओर विक्षेपित हो जाती है । प्रश्न 4. दायें हाथ की हथेली का नियम क्या होता है ? उत्तर- इस नियम के अनुसार , यदि हम अपने दाहिने हाथ की हथेली खुली रखकर तथा अंगुलियों को परस्पर इस प्रकार फैलायें कि अँगूठा चालक में बहने वाली धारा की दिशा की ओर तथा अंगुलियाँ उस बिन्दु की ओर संकेत करें जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करनी है , तो चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा खुली हथेली के लम्बवत् तथा हथेली के बाहर की ओर होगी । प्रश्न 12. चल कुण्डली धारामापी की सुग्राहिता को प्रभावित करने वाले कारकों के नाम बताइये । उत्तर- ( i ) चल - कुण्डली में फेरों की संख्या अधिक होनी चाहिए । ( ii ) निलम्बन तार की ऐंठन - दृढ़ता ( कम होनी चाहिए ) । प्रश्न 13. शण्ट क्या है ? उत्तर- धारामापी की सुरक्षा के लिए , धारामापी की कुण्डली के साथ समान्तर क्रम में कम - से - कम प्रतिरोध का तार जोड़ा जाता है , जिसे शण्ट कहते हैं
प्रश्न 7. दो समान्तर चालक , जिनमें एक ही दिशा में धारा प्रवाहित हो रही है , एक - दूसरे को आकर्षित करते हैं , क्यों ?
उत्तर- यदि दो समान्तर चालक में एक ही दिशा में धारा प्रवाहित हो रही है , तब पहले चालक में प्रवाहित धारा के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र में दूसरे चालक पर बल लगता है । इसी प्रकार दूसरे चालक में प्रवाहित धारा के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र में पहले चालक पर बल लगता है । फ्लेमिंग के बाँये हाथ के नियमानुसार यह लगने वाला बल एक - दूसरे की ओर लगता है , अर्थात् पहले चालक पर बल , दूसरे चालक की ओर तथा दूसरे चालक पर बल पहले चालक की ओर लगता है । इस प्रकार दोनों चालक एक - दूसरे को आकर्षित करते हैं ।
प्रश्न 8. दो समान्तर तार , जिसमें विपरीत दिशा में धारा प्रवाहित हो रही है , एक - दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं , क्यों ?
उत्तर - दो समान्तर तार , जिसमें विपरीत दिशा में धारा प्रवाहित हो रही है तब पहले तार में प्रवाहित धारा के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र में दूसरे तार पर बल लगता है इसी प्रकार दूसरे तार में प्रवाहित धारा के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र में प्रथम तार पर बल लगता है । फ्लेमिंग के बायें हाथ के नियमानुसार , यह लगने वाला बल एक - दूसरे की विपरीत दिशा में लगता है , अर्थात् पहले तार पर यह बल दूसरे तार के विपरीत दिशा में तथा दूसरे तार पर यह बल पहले तार के विपरीत दिशा में लगता है । इस प्रकार दोनों तार एक - दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं ।